
शाहपुरा–बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र के उपरेडा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में 108 आपातकालीन एंबुलेंस वाहन उपलब्ध नहीं होने से क्षेत्रवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आपातकालीन दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारी और प्रसव के मामलों में मरीजों को लगभग 40 किलोमीटर दूर भीलवाड़ा जिला मुख्यालय ले जाना पड़ता है, जिससे कई बार समय पर उपचार नहीं मिल पाता।
गुलाबपुरा से बनेड़ा रोड पर स्टेट हाईवे का निर्माण होने से इस मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। वहीं लांबिया चौराहा से वाया उपरेडा–शाहपुरा एमडीआर 417 सड़क भी अत्यंत व्यस्त है। ऐसे में दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना चुनौती बन गया है।
वर्तमान में 108 एंबुलेंस शाहपुरा से लगभग 25 किलोमीटर तथा रायला (नेशनल हाईवे) से करीब 20 किलोमीटर दूर से आती है, जिससे वाहन के पहुंचने में काफी समय लग जाता है। कई बार मरीजों को एक घंटे तक 108 के इंतजार में रहना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में निजी वाहन उपलब्ध नहीं होते और यदि मिलते भी हैं तो अत्यधिक किराया वसूला जाता है।
उपरेडा पीएचसी के आसपास 7 से 8 ग्राम पंचायतें तथा 35 से 40 खेड़ा-मुजरा, ढाणी व गांव स्थित हैं। बावजूद इसके पिछले करीब 8 वर्षों से उपरेडा पीएचसी में एक भी डिलीवरी नहीं हो पाई है। प्रसव के दौरान चिकित्सालय कर्मियों द्वारा जोखिम नहीं लेते हुए महिलाओं को भीलवाड़ा रेफर कर दिया जाता है, जो क्षेत्रवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
इस संबंध में सर्व समाज सामाजिक कार्यकर्ता मुबारक मंसूरी (उपरेडा) ने बताया कि उपरेडा पीएचसी को क्रमोन्नत हुए 12 वर्ष से अधिक समय हो चुका है तथा वर्ष 2020 में नवीन भवन का निर्माण भी पूर्ण हो गया, लेकिन आज भी यहां समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों से ग्रामवासी, सरपंच एवं जनप्रतिनिधि लगातार ब्लॉक सीएमएचओ बनेड़ा, सीएमएचओ भीलवाड़ा, निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जयपुर, जिला कलेक्टर भीलवाड़ा, चिकित्सा मंत्री, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल तक सैकड़ों पत्राचार कर चुके हैं।
इसके अलावा 181 हेल्पलाइन, जिला कलेक्टर की मासिक जनसुनवाई, जनसंपर्क पोर्टल एवं सीएम पोर्टल पर भी सैकड़ों शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन अब तक 108 एंबुलेंस की स्वीकृति जारी नहीं हुई है।
क्षेत्रवासियों ने राज्य सरकार से आगामी बजट सत्र 2026–27 में उपरेडा पीएचसी हेतु नवीन 108 आपातकालीन वाहन की वित्तीय स्वीकृति जारी करने की मांग की है, ताकि ग्रामीण अंचल की जनता को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके और जान-माल की रक्षा हो सके।













